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Monday, 7 May 2012

आ गयी सोन चिरैया

जी आ गयी हूँ मैं ........ एक सोन चिरैया 
कौन हूँ मैं      जानती नहीं 
क्यूं हूँ ........क्यूंकि सब सीखा हुआ गलत साबित हुआ 
और जो नहीं सीखा 
वोह अब क्या सीखना..................... 
इसीलिए एक थी सोन चिरैया...............  

15 comments:

  1. Ji swagat hai. Bahut din se zaroorat thi. Likhiye aur khoob likhiye.

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  3. .क्यूंकि सब सीखा हुआ गलत साबित हुआ /इसीलिए एक थी सोन चिरैया...............
    सों चिरैया के है से थी होने में उसका अपना योगदान नहीं होता...उसका महत्व तब है...जब वह जिद ठान ले...की सों चिरैया को मरने नहीं दूंगी....
    एक है सों चिरैया सी..... )

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  4. Schane ki baat hai ..Santosh
    Thankyou ..

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  5. अपनी ही मासूमियत के साथ जीना चाहिए ...

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    1. Zindagi jab tak maasoom hoti hai..tabhi tak jeene ka mazaa hai ..
      Thankyou Nirupma

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  6. जी आ गयी हूँ मैं ........ एक सोन चिरैया
    कौन हूँ मैं जानती नहीं
    क्यूं हूँ ........क्यूंकि सब सीखा हुआ गलत साबित हुआ
    और जो नहीं सीखा
    वोह अब क्या सीखना.....................
    इसीलिए एक थी सोन चिरैया...............

    Kaash Son Chiraiya ko apna vazood pata hota.. aaj hamare beech hi hoti wo... ham bhi bahut kuchh seekhte usssay.. uski cheh-chahat se dil-aangan.. mehkar rehta... Vandna ji Behad khoobsoorat Rachna !! aur bahut shukriya.

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    1. Zaroor mahakegaa ..Iqbaal ji ..ummeed hi toh jeene ka sabse badaa sahaara hai ..
      Shukriya Iqbal ji ..

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  7. प्यारी वंदना दी,स्वागत है आपका .........
    आपकी छोटी सी सोन चिरैया........

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    1. Main mahsoos kar sakti hoo'n tumhe ...meri छोटी सी सोन चिरैया..apne hii daino'n ke neeche ... aas-paas kahi'n ...itne pyaare se swaagat k liye bahut pyaara sa..nanhaa saa Shukriya.. tumhare hauslo'n ki parwaaz ko salaam ..

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